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CRIME : जमीन विवाद में शिक्षक की निर्मम हत्या, दिनदहाड़े चचेरे भाइयों ने गला रेतकर उतारा मौत के घाट

  बलरामपुर/रामानुजगंज। सोमवार सुबह का सूरज अभी पूरी तरह चढ़ा भी नहीं था कि राधानगर गांव में एक भयानक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। ...

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बलरामपुर/रामानुजगंज। सोमवार सुबह का सूरज अभी पूरी तरह चढ़ा भी नहीं था कि राधानगर गांव में एक भयानक घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। 50 वर्षीय शिक्षक जयकरन जगते अपनी बाइक पर स्कूल जा रहे थे। घर से महज आधा किलोमीटर दूर, सड़क किनारे जहां मवेशी अक्सर विश्राम करते हैं, वहां पहले से घात लगाए बैठे उनके ही दो चचेरे भाई बृजमोहन (25) और हरिमोहन (24) अचानक उन पर टूट पड़े।

दोनों ने पहले हथौड़े से सिर पर ताबड़तोड़ वार किए, फिर चाकू से उनका गला रेत दिया। जयकरन जगते लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। दिनदहाड़े हुई इस नृशंस हत्या ने पूरे गांव को सन्न कर दिया। घटना त्रिकुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम राधानगर की है।

विवाद की जड़ क्या थी?
परिवार में जमीन का बंटवारा हो चुका था, लेकिन आरोपियों का कहना है कि जयकरन जगते उन्हें अपनी हिस्से की जमीन पर खेती करने नहीं दे रहे थे और नापने (सीमांकन) भी नहीं करा रहे थे। इस छोटे-से विवाद ने इतना विकराल रूप ले लिया कि रविवार को गांव में मीटिंग भी हुई थी। मीटिंग में भी दोनों पक्ष आमने-सामने रहे, लेकिन कोई हल नहीं निकला। नतीजा — सोमवार सुबह यह खूनी बदला। 

पुलिस एक्शन:
सूचना मिलते ही त्रिकुंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों आरोपियों को तुरंत हिरासत में ले लिया गया। थाना प्रभारी व्यास नारायण चुरेन्द्र ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जमीन विवाद ही मुख्य वजह नजर आ रहा है। शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है और आगे की जांच चल रही है।

परिवार का गुस्सा:
मृतक के परिजनों में आग लग गई। गुस्साए लोगों ने आरोपियों के घर में तोड़फोड़ की और आग लगा दी। आग को काबू में कर लिया गया, वरना पूरा घर जल जाता। गांव में तनाव का माहौल बन गया, लेकिन पुलिस की समझाइश के बाद स्थिति नियंत्रण में आई। यह घटना परिवार के अंदरूनी कलह और छोटे-छोटे विवादों के कितने खतरनाक परिणाम हो सकते हैं, उसकी एक भयावह मिसाल बन गई है। छत्तीसगढ़ के इस ग्रामीण इलाके में आज भी जमीन को लेकर खून-खराबा जारी है, जो समाज के लिए चिंता का विषय है।

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