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नहीं भेजे जाएंगे प्रश्नपत्र : ईमेल पर 30 मिनट पहले मिलेगी सॉफ्टकॉपी, इसके प्रिंटआउट से ही परीक्षा

  रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विवि अब संबद्ध महाविद्यालयों को प्रश्नपत्र प्रेषित नहीं करेगा। इसके स्थान पर महाविद्यालयों के प्राचार्य को प्रश्...

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 रायपुर। इंदिरा गांधी कृषि विवि अब संबद्ध महाविद्यालयों को प्रश्नपत्र प्रेषित नहीं करेगा। इसके स्थान पर महाविद्यालयों के प्राचार्य को प्रश्नपत्र ईमेल किए जाएंगे। ये ईमेल भी पासवर्ड प्रोटेक्टेट रहेंगे। अर्थात ईमेल में लॉग-इन करने के बाद उक्त मेल को खोलने के लिए पुनः पासवर्ड की आवश्यकता होगी। ये पासवर्ड विवि द्वारा प्राचार्यों को ही उपलब्ध कराए जाएंगे। ईमेल पर प्राप्त प्रश्नपत्रों के प्रिंटआउट निकालकर छात्रों को वितरित किए जाएंगे।

20 अगस्त को लीक हुए कीट विज्ञान के प्रश्नपत्र पश्चात आगमी सभी परीक्षाओं के लिए यह व्यवस्था लागू कर दी गई है। भविष्य की परीक्षाओं के लिए पृथक रणनीति बनाई जा रही है, ताकि पुनः इस तरह की स्थिति निर्मित ना हो। गौरतलब है कि,  बीएससी कृषि द्वितीय वर्ष की कीट विज्ञान की परीक्षा 20 अगस्त को आयोजित की गई थी। परीक्षा आयोजित होने के कुछ घंटे पहले ही लीक प्रश्नपत्र सोशल साइट्स में वायरल हो गए थे। जांच में इसके पूर्व आयोजित परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी लीक होने की जानकारी सामने आई।

उच्च तकनीक का इस्तेमाल 
पुलिस खुलासे के अनुसार, इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड भारती एग्रीकल्चर कॉलेज, दुर्ग में पदस्थ प्रोफेसर योगेश सोनकेसरिया (38 वर्ष) है। आरोपी प्रोफेसर पिछले एक साल से रायपुर कृषि महाविद्यालय से उत्तर पुस्तिकाएं जमा करने और आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र ले जाने का काम कर रहा था। 17 अगस्त को आरोपी ने आगामी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र प्राप्त किए। इसके बाद वह 20 अगस्त को होने वाली कीटशास्त्र परीक्षा के प्रश्न पत्र का लिफाफा चुपके से अपने घर ले गया। 

छात्र अजय नायक को 11,000 रुपए में बेचा
वहां उसने सुई और नुकीले औजार से लिफाफे में छोटा छेद किया और मोबाइल कैमरे से प्रश्न पत्र की वीडियो रिकॉर्डिंग कर ली। आरोपी ने यह लीक कंटेंट अपने ही कॉलेज के छात्र अजय नायक को 11,000 रुपए में बेचा, जिसके बाद यह प्रश्न पत्र अन्य छात्रों और सोशल मीडिया ग्रुप्स में वायरल हो गया। चूंकि पूरी घटना को अंजाम देने उच्च तकनीक का प्रयोग किया गया, इसलिए प्रश्नपत्रों को सुरक्षित रखने भी उच्च तकनीकी विकल्प तलाशे जा रहे हैं।

2 आरोपी अभी भी फरार
100 से अधिक पुलिस टीमों ने डिजिटल साक्ष्य खंगाले। इसके बाद आरोपियों तक पुलिस पहुंच पाई। प्रकरण में 2 अन्य आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। विश्वविद्यालय के परीक्षा विभाग तथा महाविद्यालयों के परीक्षा हॉल में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने आगामी बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके लिए बजट भी स्वीकृत किया जाएगा। विवि ने महाविद्यालयों को भी परीक्षा कार्य में पूर्ण सावधानी व पारदर्शिता बरतने निर्देश दिए हैं।

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