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प्रधानमंत्री ने आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह की झलकियां साझा कीं, युवाओं से ‘विकसित भारत’ के निर्माण में योगदान का आह्वान

  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह की झलकियां साझा करते हुए नए स्नातकों को जीवन के नए अध्याय की शुरुआत क...

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आईआईटी दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह की झलकियां साझा करते हुए नए स्नातकों को जीवन के नए अध्याय की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि युवा बड़े सपने देखें, चुनौतियों को स्वीकार करें और ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अपना योगदान दें। प्रधानमंत्री ने कोविड महामारी के दौरान वर्चुअल माध्यम से आईआईटी दिल्ली से जुड़ने की अपनी स्मृति का उल्लेख करते हुए परिसर में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने को विशेष अनुभव बताया।

कैंपस की यादों को बताया जीवनभर का हिस्सा

प्रधानमंत्री ने आईआईटी दिल्ली में छात्रों की ओरिएंटेशन से लेकर दीक्षांत समारोह तक की यात्रा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हॉस्टल की यादें, दोस्ती, शिक्षक, मेंटर्स और कैंपस के पसंदीदा स्थान जीवन के ऐसे अनुभव हैं, जिन्हें लंबे समय तक याद रखा जाता है। उन्होंने स्नातकों से इस यात्रा में सहयोग देने वाले सभी लोगों को याद रखने और भविष्य में भी अपने संस्थान से जुड़े रहने का आग्रह किया।

बदलती तकनीक के साथ ढलना जरूरी

पीएम नरेन्द्र मोदी ने कहा कि तेजी से बदलती दुनिया में खुद को नई परिस्थितियों के अनुरूप ढालना बेहद जरूरी है। तकनीक उद्योगों, पेशों और जीवन के लगभग हर क्षेत्र को बदल रही है। उन्होंने युवाओं से चुनौतियों से घबराने के बजाय नए समाधान खोजने की क्षमता विकसित करने का आह्वान किया, ताकि कठिन परिस्थितियों को अवसरों में बदला जा सके।

जिंदगी का कोई तय सिलेबस नहीं

प्रधानमंत्री ने युवाओं को जीवन की अनिश्चितताओं के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं का एक सिलेबस होता है, लेकिन जिंदगी का कोई सिलेबस नहीं होता। जीवन अक्सर तय सिलेबस से बाहर निकलकर ऐसी परिस्थितियां सामने लाता है, जिनका सामना अपनी समझ, अनुभव और निर्णय क्षमता से करना पड़ता है।

आत्मनिर्भर भारत में युवाओं की निर्णायक भूमिका

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछली पीढ़ी ने भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया था। आज की युवा पीढ़ी के सामने जिम्मेदारी अलग है, लेकिन उसका महत्व कम नहीं है। आर्थिक और तकनीकी आत्मनिर्भरता, औद्योगिक सामर्थ्य तथा नवाचार के क्षेत्र में युवाओं की भूमिका विकसित भारत के निर्माण में निर्णायक होगी।

रॉकेट, चिप और ड्रोन बनाने वाली पीढ़ी

पीएम मोदी ने कहा कि आज कई युवा ऐसे क्षेत्रों में काम कर रहे हैं, जहां वे आने वाली पीढ़ियों के इतिहास में भारत के शुरुआती रॉकेट, चिप और ड्रोन बनाने वालों के रूप में याद किए जा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से इसी आत्मविश्वास और नवाचार की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

नए अध्याय की शुरुआत पर दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री ने आईआईटी दिल्ली के सभी स्नातकों को उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल शिक्षा पूरी होने का अवसर नहीं, बल्कि जीवन की नई जिम्मेदारियों और अवसरों की शुरुआत भी है। उन्होंने युवाओं से अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग देश की प्रगति और समाज के कल्याण के लिए करने की अपील की।

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