Page Nav

HIDE

Grid

GRID_STYLE

Classic Header

{fbt_classic_header}

Top Ad

Breaking :

latest

रायपुर के नकटी में 'बुलडोजर' कार्रवाई पर भड़की शिवसेना: मुंगेली में मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, लगाए गंभीर आरोप

मुंगेली।  राजधानी रायपुर के समीप ग्राम नकटी में प्रशासन द्वारा ग्रामीणों के आशियाने उजाड़े जाने का मामला अब और गर्मा गया है। इस कार्रवाई के ...

यह भी पढ़ें :-




मुंगेली। राजधानी रायपुर के समीप ग्राम नकटी में प्रशासन द्वारा ग्रामीणों के आशियाने उजाड़े जाने का मामला अब और गर्मा गया है। इस कार्रवाई के विरोध में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) छत्तीसगढ़ इकाई के निर्देश पर मुंगेली जिला प्रमुख संतोष कुमार साहू के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर (मुंगेली) को ज्ञापन सौंपा गया है। यह ज्ञापन कलेक्ट्रेट कार्यालय में एडीएम (ADM) को प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्रशासन की इस कार्रवाई को दमनकारी बताते हुए पीड़ितों के अविलंब पुनर्वास और मुआवजे की मांग की गई है।

भारी बारिश के बीच 80-85 गरीब परिवारों को किया बेघर

शिवसेना द्वारा सौंपे गए आधिकारिक पत्र में कहा गया है कि इस संवेदनशील और भारी बारिश के मौसम में प्रशासन ने पुलिस बल के दम पर लगभग 80 से 85 गरीब, मजदूर और आदिवासी परिवारों के मकानों पर बुलडोजर चला दिया। कड़कड़ाती बिजली और मूसलाधार बारिश के बीच छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को बिना किसी ठोस वैकल्पिक व्यवस्था के बेघर करना संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है, जो सीधे तौर पर मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है।

सरकारी योजनाओं (PM आवास) के मकानों को भी ढहाया

ज्ञापन में शिवसेना ने एक बड़ा और गंभीर खुलासा करते हुए आरोप लगाया है कि जिन मकानों को तोड़ा गया है, उनमें से कई मकान प्रधानमंत्री आवास योजना एवं इंदिरा आवास योजना के तहत स्वीकृत थे। शासन ने स्वयं इन्हें वैध मानकर राशि जारी की थी। ऐसे में स्वयं सरकार द्वारा स्वीकृत व निर्मित मकानों को ही बाद में 'अवैध' बताकर तोड़ना बेहद विरोधाभासी और निंदनीय कृत्य है।

"गौचर भूमि के नाम पर वीआईपी कॉलोनी बनाने की तैयारी" – शिवसेना

संगठन ने भूमि को लेकर चल रहे घटनाक्रम पर भी तीखा हमला बोला है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को यह कहकर बेदखल किया गया कि यह जमीन चरागाह (गौचर) की है। जबकि धरातल पर और स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज है कि इस बेशकीमती जमीन को खाली कराकर वहां रसूखदारों, सांसदों और विधायकों के लिए 'वीआईपी कॉलोनी' बनाने की योजना है। शिवसेना ने कहा कि गरीबों का पेट काटकर रसूखदारों को उपकृत करना किसी भी लिहाज से न्यायसंगत नहीं है।

प्रमुख मांगें और उग्र आंदोलन की चेतावनी

शिवसेना (UBT) ने मुख्यमंत्री से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए निम्नलिखित बिंदु सामने रखे हैं:

  1. अविलंब पुनर्वास और पक्के मकान: बेघर किए गए सभी 80-85 पीड़ित परिवारों को तुरंत रहने की मुकम्मल व्यवस्था और पक्के मकान दिए जाएं।

  2. उचित मुआवजा: तोड़े गए मकानों और घरेलू सामानों के नुकसान का सही आकलन कर पीड़ितों को तुरंत आर्थिक मुआवजा राशि दी जाए।

  3. दोषियों पर कार्रवाई: इस अमानवीय कार्रवाई को अंजाम देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

जिला इकाई ने साफ चेतावनी दी है कि यदि शासन-प्रशासन ने इस मानवीय संकट को गंभीरता से नहीं लिया और पीड़ितों को न्याय नहीं मिला, तो शिवसेना प्रभावित ग्रामीणों के हक में पूरे प्रदेश स्तर पर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।



No comments