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*संत कवि पवन दीवान का छत्तीसगढ़ की माटी से गहरा लगाव था : सीएम भूपेश बघेल, संत कवि पवन दीवान के नाम से राज्य अलंकरण पुरस्कार देने की घोषणा*

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विप्र भवन में विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति द्वारा आयोजित ‘संत कवि पवन दीवान’ श्रद्धांजलि सभा एवं सम्मान ...

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रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विप्र भवन में विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति द्वारा आयोजित ‘संत कवि पवन दीवान’ श्रद्धांजलि सभा एवं सम्मान समारोह में शामिल हुए. उन्होंने कार्यक्रम में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सम्मान में संत कवि पवन दीवान के नाम से कविता लेखन के क्षेत्र में राज्य अलंकरण पुरस्कार देने की महत्वपूर्ण घोषणा की. यह पुरस्कार आगामी राज्य अलंकरण समारोह से हर साल दिया जाएगा.



मुख्यमंत्री बघेल ने इस अवसर पर साहित्य तथा कविता लेखन के क्षेत्र में विशिष्ठ योगदान के लिए छत्तीसगढ़ के कवि और साहित्यकारों को सम्मानित भी किया. इनमें पद्मश्री डॉ. सुरेन्द्र दुबे को विप्रकुल गौरव शिखर सम्मान-2023 से नवाजा गया. इसी तरह अरुण कुमार निगम और काशीपुरी कुन्दन को संत कवि पवन दीवान स्मृति अस्मिता सम्मान से पुरस्कृत किया गया. प्रत्येक को पुरस्कार स्वरूप 21-21 हजार रुपए की राशि और शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया. उन्होंने इस मौके पर विप्र योग पत्रिका और विप्र महाविद्यालय के मासिक बुलेटिन का विमोचन भी किया.



मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि, संत कवि पवन दीवान का छत्तीसगढ़ की माटी से गहरा लगाव था. इनके लेखन में समाज के तत्कालीन दशा का बहुत ही सुन्दर और सहज चित्रण मिलता है, जो हर वर्ग और हर समाज के लोगों की भावनाओं से जुड़ी होती थी. यही वजह है कि, बहुमुखी प्रतिभा के धनी संत कवि दीवान जन-जन में काफी लोकप्रिय थे. उन्होंने कहा कि, संत कवि दीवान को याद करना हमारे पुरखों द्वारा देखे गए छत्तीसगढ़ के स्वप्न को याद करने जैसा है. उनकी कविता में बार-बार छत्तीसगढ़ के माटी का उल्लेख हुआ है. वे कवि हृदय बहुत भावुक, बहुत अच्छे कथावाचक और पूर्णतः निःस्वार्थ और निश्छल मन के व्यक्ति थे. उन्होंने समाज के मौजूदा स्थितियों को बड़ी ही सहजता से अपनी रचनाओं में पिरोया.


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि, संत कवि पवन दीवान का छत्तीसगढ़ की माटी से गहरा लगाव था. इनके लेखन में समाज के तत्कालीन दशा का बहुत ही सुन्दर और सहज चित्रण मिलता है, जो हर वर्ग और हर समाज के लोगों की भावनाओं से जुड़ी होती थी. यही वजह है कि, बहुमुखी प्रतिभा के धनी संत कवि दीवान जन-जन में काफी लोकप्रिय थे. उन्होंने कहा कि, संत कवि दीवान को याद करना हमारे पुरखों द्वारा देखे गए छत्तीसगढ़ के स्वप्न को याद करने जैसा है. उनकी कविता में बार-बार छत्तीसगढ़ के माटी का उल्लेख हुआ है. वे कवि हृदय बहुत भावुक, बहुत अच्छे कथावाचक और पूर्णतः निःस्वार्थ और निश्छल मन के व्यक्ति थे. उन्होंने समाज के मौजूदा स्थितियों को बड़ी ही सहजता से अपनी रचनाओं में पिरोया.



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